CM सभा के सामने अतिक्रमणकारियों का डेरा एक तरफ़ पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय दूसरी साइड देहात थाना बीच में अतिक्रमणकारियों का डेरा

एसपीटी न्यूज़ नर्मदापुरम सन्तराम निशरेले प्रधानसंपादक।
CM सभा के सामने अतिक्रमणकारियों का डेरा
एक तरफ़ पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय दूसरी साइड देहात थाना बीच में अतिक्रमणकारियों का डेरा
नर्मदापुरम यूँ तो पूरे शहर में दीपावली के त्योहार हो जैसी तैयारी चल रही है क्योंकि प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन का आवागमन 7 दिसंबर2024 को संभागीय आईटीआई नर्मदापुरम होने जा रहा है इसको लेकर चौक चौराहे पर तैयारियां जोर शोर पर चल रही लेकिन बड़े अफ़सोस की बात है कि जहाँ CM सभा होने जा रही है जहाँ पुलिस महानिदेशक कार्यालय हैं और दूसरी साइड देहात थाना पीछे है RTO का कार्यालय और मेन रोड ITI के सामने आरटीओ दलालों की दुकान का क़ब्ज़ा है जहाँ पर निश्चित तौर पर CM के क़ाफ़िले के समय ट्राफिक व्यवस्था चरमरा सकती है लेकिन यह बात तो वह भी भलीभाँति जानते हैं जो CM सभा की तैयारियों की ज़िम्मेदारी का ज़िम्मा निभा रहे हैं । ख़ैर आख़िर पूरा शहर ही तो अतिक्रमणों की चपेट में है शहर की शान सात रास्ता हो या रेलवे स्टेशन रोड जहाँ पर सारी दुकानों पर बड़े बड़े व्यापारियों का क़ब्ज़ा है उन्होंने दुकान और शोरूम तो इतने बड़े बड़े बनाए हैं लेकिन ग्राहकों की गाड़ी खड़ी करने की मुट्ठी भर की भी जगह नहीं है और शर्म की बात है कि वहीं से प्रतिदिन CMO नगरपालिका अध्यक्ष की गाड़ी गुज़रती है लेकिन शायद उन्हें यह अतिक्रमण नहीं दिखाई देता है क्यों की शायद उन्हें आम जनता का दर्द कहाँ दिखाई देता है जो ट्रेन पकड़ने के लिए जल्दी जल्दी पहुँचना चाहते हैं और अतिक्रमण के ट्रैफ़िक में फँस कर अपनी ट्रेन छोड़ देते हैं …उन्हें उनकी तक़लीफ कहाँ दिखाई देती है और उससे भी शर्म की बात यह है कि नगरपालिका कोई जाता है तो नगरपालिका उन्हें परमिशन भी दे देती है आख़िर कहाँ गए वो नियम और अधिकारी जो संविधान की शपथ लेते हैं कि हम अपने कर्तव्यपूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से पालन करेंगे ,कहाँ गये वो अधिकारी जो जनता को सपने दिखाते हैं ,लेकिन सिर्फ़ बंद आँखों में ,कहाँ गए वो नेता जो चुनाव के दौरान पैर पकड़ पकड़ कर क़सम खाते हैं कि हम शहर को सुधारेंगे शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करेंगे यह सभी तो नहीं हो रहा लेकिन अपनी अपनीआर्थिक व्यवस्था दुरुस्त ज़रूर कर रहे हैं नेता जी ।
जैसे ही कोई कार्यक्रम होता है सारे छुटभैयाँ पजामा कुर्ता ख़रीद कर अपने आप को साफ़ सुथरा ईमानदार साबित करने के लिए मंत्री के आगे गिड़गिड़ाते और चमचागिरी करते हुए दिखाई देने लगते हैं और आम जनता ओं को सभा से दूर रखा जाता है ताकि वो है अपना दर्द मंत्री जी को नहीं बता सके और मंत्री जी वी यह भलीभाँति जानते हैं कि जो दर्द है वो आम जनता का है इसके बावजूद भी नेताजी हाथ हिलाते हुए ...गली से ……हो जाते हैं और जनता के प्रतिनिधि तालियां बजाकर उनकी विदाई कर देते हैं
जय हिन्द जय भारत फिर मिलेंगे आम जनता के दर्द के साथ ही
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