मारू नदी की समस्या को लेकर सोमवार को 50 -60 गाँव के लोगों ने चक्का जाम में शामिल होने दी चेतावनी

एसपीटी न्यूज़ नर्मदापुरम,संतराम निश रेले प्रधान संपादक
नर्मदा पुरम जिले के सोहागपुर तहसील के ग्राम पथरई में मारू नदी पर रास्ते को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है। इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में एक स्कूल बस हादसे ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है, जिसमें छोटे बच्चे थे। ग्रामवासियों का कहना है कि आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और वे आक्रोशित हैं।
एसडीएम प्रियंका भल्लवी ने हाल ही में क्षेत्र का दौरा किया और ग्रामवासियों से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामवासियों की समस्याओं को सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा। हालांकि, ग्रामवासियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे सोमवार को बाजार के दिन चक्का जाम करेंगे। 50-60 गांव के ग्रामवासी मिलकर इस आंदोलन में भाग लेंगे। ग्रामवासियों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
ग्रामवासियों की इस चेतावनी से प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन ग्रामवासियों की समस्याओं का समाधान करने में कितना सफल होता है। यदि प्रशासन ग्रामवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं करता है तो सोमवार को होने वाले चक्का जाम से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
*समस्या के मूल में है:*
- मारू नदी पर रास्ते की खराब स्थिति
- आए दिन हादसे होना
- ग्रामवासियों की सुरक्षा की मांग
*ग्रामवासियों की मांगें:*
- रास्ते का निर्माण और सुधार
- सुरक्षा के इंतजाम
- प्रशासन द्वारा समस्या का समाधान
*आंदोलन की रूपरेखा:*
- सोमवार को चक्का जाम
- 50-60 गांवों के लोग शामिल होंगे
- प्रशासन पर दबाव बढ़ाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन
इस आंदोलन से क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, और यदि समय पर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगे भी आंदोलन जारी रह सकता है। एसडीएम प्रियंका भल्लवी के प्रयासों से उम्मीद है कि समस्या का समाधान जल्द ही हो जाएगा, लेकिन ग्रामवासियों की मांगों को पूरा करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
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