कलेक्टर साहब जरा इधर भी ध्यान दीजिए न प्लीज ,,, संभागीय आईटीआई में ए क्या हो रहा है लापरवाही या मनमर्जी .........??

आईटीआई -भाग दो -
कलेक्टर साहब जरा इधर भी ध्यान दीजिए न प्लीज ,,, संभागीय आईटीआई में ए क्या हो रहा है लापरवाही या मनमर्जी .........??
(एसपीटी न्यूज नर्मदापुरम संतराम निषरेले प्रधान संपादक ) संभागीय आई टी आई नर्मदापुरम में मनमर्जी के चलते पूरी व्यवस्था अस्थ -व्यस्त है । जिसके चलते न तो पूरे समय शिक्षक मौजूद रहते है न पूरी ट्रेड में पढाई होती है जिसका मूल कारण अप-डाउन है । और कुछ प्रषिक्षण अधिकारियों ने प्रषिक्षणार्थीओं को कोचिंग के जाल में फसा रखा है । यदि वो कोचिंग न जाये तो फेलका डर इतना तगडा है कि छात्रों की मजबूरी है कि उनके पास कोचिंग जानी ही पढेगी । और कोंचिग की फीस हजार दो हजार नही है साल के लगभग पचास हजार रू है जिसके चलते आईटी आई में पढाई की जगह लापरवाही वर्ती जा रही है । इस बात की पुष्टि संस्थान में लगे सीसीटीव्ही केमरों की रिकार्ड में भी की जा सकती है ।
मुख्यालय पर नही रहते जिम्मेदार सहित अनेको प्रषिक्षण अधिकारी -आपने एक कहावत बुहुत बार सुना होगा एक बार और सुनिये क्यों कि ऐसा संभागीय आई टी आई में जब कर चल रहा है । कि जब सैया कोटवाल तो डर कहेको संस्थान के प्रमुख्य प्राचार्य सतीष मौर्य ही मुख्यलय पर नही रहते तो फिर उनके अधीनस्थ कर्मचारी अधिकारी कैसे मुख्यलय पर रहेगे । और ष्षासन के नियमों का पालन कैसे करेगे । यह चिंता का विषय तो है ही लेकिन वरिष्ट अधिकारी कार्यालय के आदेष का पालन न करना भी इस लापरवाही में सामिल है । इतना ही नही टीएल जैसी मीटिंग में विभाग प्रमुख्य कुछ भी कारण बताकर नदारत रहते है ।और कलेक्टर को भी अपने झूठे वहाने में घुमा दिया जा रहा है । और जब अतिआवष्यक कार्य होता है तो प्राचार्य आईटीआई /आफिस में ही डेरा डाल लेते है ताकि यह कह सके की मै मुख्यालय पर रहता है ं इस प्रकार के ढोग से गुजर रही है संभागीय आई टी आई की कार्यप्रणाली ।
आईटीआई की डीवारों से गायब है पूर्व में लगे ए.सी - हम यह नही कह रहें कि आईटीआई में चोरी हो गई है पर सबाल यह है कि वर्षो पहले लगे दर्जनो एसी जो पहले डीवारो पर लगे थे आज वहा मौजूद नही है । सिर्फ निषान वाकी है । आखिर कहॉ गये वो ए.सी क्या कुछ गुटरगू के चलते कही ओर षिफट करने की जुगाड चल रही है । यदि नही तो फिर कई महिनों से निकले ए.सी पुन क्यों नही लगाये गये यह प्रष्न आई टी आई के अधिकारियों के दिमांग में क्यों नही आ रहा है । कुछ तो है जिसके चलते कई महिनों से दीवार पर ए.सी की जगह निषान मात्र दिख रहेे है
इनका कहना
चुनाव के समय एसडीएम नर्मदापुरम के द्वारा निकाले गये थे हमने उन्हेकई बार लिखा कि एसी को पुन फिट करवा दिया जाये लेकिन आज तक उनकी तरफ से कोई जबाब नही आया । सतीष मौर्य प्राचार्य संभागीय आईटीआई नर्मदापुरम
सामान लिया ही नही बिल लगा कर करदिया भुगतान -जी हॉ ऐसे हैरतअंगेज कार्यनामे में माहिर है संभागीय आई टी आई के कलाकार अधिकारी जिन्होने बेल्डर टेªड में प्रषिक्षणार्थीओं के लिये खरीदा जाने वाले सामान रॉ मटेरियल में अपनी कला दिखा दी । दुकानदार से सिर्फ कमीषन कॉट कर बिल लिया और उसें संस्थान के कलाकार अधिकाररियों को दिखाया इसके बाद टेªजरी में लगा कर भुगतान करा लिया पर समान नही लिया इतने गंभीर अपराध करने बाले कर्मचारियों के खिलाफ अभी तक कोई मामला दर्ज नही हुआ है । क्यों कि सब की मिली भगत है । इस बात का खुलासा सूचना का अधिकार से प्राप्त जानकारी से हुआ जो कि संतराम निषरेले ने उक्त जानकारी प्राप्त की तो सिर्फ समान खरीदा है उसके तो अवषेष है पर स्टोर में रॉ मटेरियल जमा के कोई प्रमाण नही है । और आपने सुना भी होगा कि षेर की गुफा में जाने वाले के निषान तो होते है पर आने वाले के नही इस काम को अंजाम बेल्डर टेªड के टीओ श्री देषमुख और बिल को टेªजरी तक पहुचाने में प्राचार्य,एकाउट शाखा की महत्पूर्ण भूमिका होती है जो इन्होने बडी जिम्मेदारी से निभाई है अब देखना है कि इनके वरिष्ट अधिकारी एवं कलेक्टर महोदया ऐसे कलाकारों को कौन सा इनाम देती है । '' अगले अंक में निरंतर देखते रहें एसपीटी न्यूज
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