कई लाखों की हेरा फेरीफेरी एक ही दुकान शुभमस्टेशनरी से ??

एसपीटी न्यूज संतराम निषरेले प्रधान संपादक
कई लाखों की हेरा फेरीफेरी एक ही दुकान शुभम्स्टेशनरी से ??
मामला. शा.कन्या उमावि शोभापुर का
नर्मदापुरम -13 jजून 2024 कमीशन की चाहत और अपनो का लाभ पहुचाने की मंषा इंसान को किसी भी हद तक ले जा सकती है फिर चाहे बात किसी भी विभाग या इंसान की बात क्यों न हो । ऐसा ही एक मामला हाल में ही सामने आया है । जिसमें शा. कन्या उमावि शोभापुर स्कूल में वर्तमान प्राचार्य कैलाशपुरोहित के कार्यकाल में अनोखा शिष्टम चल रहा है ं जहॉ किसी प्रकार के नियमों का पालन नही हो रहा है ं और स्टेशनरी के नाम पर एक ही दुकानदार को लाभ पहुचाने की मंशा से मनगणित सामाग्री एवं मनमाफिक रेट से समान खरीदा गया है जिसमें सबसे ज्यादा बिल शुभम् स्टेषनरी न्यू बस स्टेंड के पास पिपरिया के है जिससे लाखों के मनगणित बिल और सामान का खरीदा बताया गया है । अब सवाल उठ रहा है कि क्या जितने बिल लगाये है उतना सामान खरीदा भी है या नही या कागज पर ही समान खरीद लिया और कागज पर ही खराब हो गया । यह तो सब जॉच के दौरान सामने आयेगा ।
बिल पर दुकानदार के हस्ताक्षर ही नही फिर भी कर दिया पास हो गया भुगतान......,,????
जब कोई लालच या अपनापन होता है तो सारे नियम गायब हो जाते है । ऐसा ही शा. कन्या उमावि शोभापुर ज़िला नर्मदपुरम में किया गया है ।शुभम् स्टेशनरी न्यू बस स्टेड के पास पिपरिया के बिल क्र 5353 दिनॉक 04.08.21 ेके माध्यम से जो स्टेशनरी खरीदी गई है जिसका भुगतान तीन हजार छैसौ पंद्रह रू का था जो बिना दुकानदार के हस्ताक्षर से कर दिया गया है । अब सवाल उठ रहा है कि क्या बिल दुकानदार ने बनाया है या स्कूल से ही तैयार किया गया है यह तो सब जॉच के बाद ही सामने आयेगा कि और ऐसे कितने बिल है जो बगैर दुकानदार के हस्ताक्षर के भुगतान हो गये ।
दूसरा बिल भी बिना दुकानदार के हस्ताक्षर का हुआ पास ???
एक बार यदि कोई गलती हो तो शायद यह कह सकते है कि कोई मिस्टेक हो गई होगई होगी लेकिन यदि एक सी गलती बार बार हो तो यह भी कह सकते है कि यह तो हमारी आदत हो गई है और ऐसी आदत शा कन्या उमावि षोभापुर के प्राचार्य की हो गई है । पूर्व के बिल की भाति नवल किषोर मॅूदड़ा कपड़ा व्यापारी षोभापुर बिल क्रमांक ???? दिनॉक 08.10.2022 और भी हैरान करने बाला है यह बिल फार्मेट में है ही नही यह तो लेटर पेड पर तैयार किया गया है जिस पर न दुकानदार के हस्ताक्षर है न बिल क्रमांक है इस प्रकार के हैरतअंगेज कार्यनामें करने के लिये कोई मास्टर टेªनर ही कर सकता है जो कि वर्तमान प्राचार्य कैलाश पुरोहित है । इन्हें शासन स्तर पर मास्टर टेªनर की ट्रेनिंग भी दी गई है ं लेकिन यह पता तो सूचना का अधिकार अंतर्गत जब इनके स्कूल से जानकारी प्राप्त की जब पता चला कि ये तो कागज पर भी मास्टर टेªनर है ं इनके पूरे कार्यकाल की यदि सूक्ष्मता से जॉच की जाये तो बहुत कुछ ओर सामने आयेगा ।
दुकान स्स्टेशनरी की और काम परीक्षा पेपर छपाई का आखिर कैसे ????
आप हैरान हो रहे होगे कि जो कार्य शासन् स्तर पर और गोपनीय तरीके से किया जाता है वह कार्य एक स्टेशनरी की दुकान पर कैसे ??? क्या परीक्षा पेपर लीक हो इस लिये इस प्रकार की लापरवाही की गई है ???ं इस गंभीर विषय का जिम्मेदार कौन?? यह जॉच सूक्ष्मता और र्इ्रमानदारी से यदि की गई तो हर पेज एक राज का मूंह खोलेगा । क्यो कि हाल में तो शुभम स्टेषनरी का बिल क्र 7594 दिनॉक 06.09.2023 राषि 16776 रू का बिल यह बता रहॉ है कि स्कूल प्रबंधन की कृपा से स्टेषनरी ने उन्नति कर अब प्रिंटिंग प्रेस का कार्य भी चालू कर दिया है अब यह बात अलग है कि काम का तरीका सही है या गलत ?? । शायद यह स्कूल प्रबंधन और स्टेषनरी मालिक के बीच गुटरगू का मामला है
आप देखते रहिए एस पी टी न्यूज़ अगले घोटाले की ख़बर के लिए
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