महिला ने रो रो रो कर अपनी आपबीती सुनाई ,कलेक्टर मैडम प्लीज महिला के दर्द को और RTO की लापरवाही को कुछ तो समझो???

एसपीटी न्यूज़ संतराम निश रेले प्रधान संपादक
महिला ने रो रो रो कर अपनी आपबीती सुनाई
कलेक्टर मैडम इस महिला के दर्द को और RTO की लापरवाही को कुछ तो समझो???
एसपीटी न्यूज़ -नर्मदापुरम संभाग में यू तो महिला अधिकारियों की संख्या अधिक है लेकिन आज इस महिला के दर्द ने इस महिला की पीड़ा ने महिला कर्मचारियों की पोल खोल दी हम बात कर रहे हैं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय नर्मदापुरम कि जहाँ पर 1 महिला एजेंटों को पैसे देकर परमिट का काम करवाने के लिए एक महीने से परेशान हैं और लगातार 15 दिनों से RTO कार्यालय के चक्कर काट रही है महिला अपनी दर्द भरी आवाज़ में अपनी पीड़ा सुना रही है कह रही है कि विजय श्रीवास्तव सहायक ग्रेड टू महिलाओं को काफ़ी परेशान कर रहे हैं यहाँ तक कि महिला जब RTO के चैम्बर में जाती है तो महिला से कहा जाता है कि विजय श्रीवास्तव के पास जाओ इतने में आरटीओ के गुप्तचर विजय श्रीवास्तव जाकर बता देते हैं कि इटारसी से एक महिला आयी है जिससे आपने पैसे लिए हैं इतने बात सुनकर विजय श्रीवास्तव ऑफ़िस ख़ाली छोड़ कर रफूचक्कर हो जाते हैं
इघर महिला का पति 1 महीने से उड़ीसा मैं गाड़ी लेकर खड़ा हुआ है मामला परमिट से जुड़ा हुआ है ऐसे में गाड़ी जो फाइनेंस है उसकी किस्त जमा करना काफ़ी दिक़्क़त का विषय बन गया है ऐसे लापरवाह अधिकारियों के कारण ही कई लोगों ने आत्महत्या की है इस प्रकार की लापरवाही फ़र्ज़ीवाड़े की पोल खोल रही है दलालों का बोलबाला है RTO में बिना दलाल के कोई भी काम नहीं होता है इसका साक्ष RTO कार्यालय के सामने रखे हुए टॉप जिस पर साफ़ लिखा है कि यहाँ RTO संबंधित जानकारी और सलाह दी जाती है ऐसा लगता है कि RTO ने दलालों की दुकान खुलवाकर लोगों को परेशान करने का बीड़ा उठाया हुआ है जबकि ऐसा सुना गया था की RTO के सारे काम ऑनलाइन होने लगे हैं लेकिन इस वक़्त ये काम तो आज भी दलालों के माध्यम से ही हो रहे हैं जैसा कि इस महिला ने बताया कि इटारसी निवासी मुकेश को एक महीने पहले काम कराने के पैसे दे चुके हैं लेकिन क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में मौजूद विजय श्रीवास्तव के कारण आज महिला दर दर भटक रही है शायद विजय श्रीवास्तव को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है या पैसे की चकाचौंध में मानवता ख़त्म हो गई है या विजय श्रीवास्तव ने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करना तय कर लिया है और ये सभी काम लापरवाही के साथ साथ दंडनीय श्रेणी में आते हैं अपने करतब के प्रति लापरवाह कर्मचारियों को तत्काल ज़िम्मेदारी के इस पद से हटा दिया जाना चाहिए अब देखना यह है कि इस महिला के दर्द को ज़िले की मुख्य शीर्ष अधिकारी कलेक्टर महोदय को संज्ञान लेने का और महिला के दर्द को समझने का और बजट श्रीवास्तव की लापरवाही पर कार्रवाई करने की ज़िम्मेदारी किस प्रकार पूरी होती है या टालमटोल ली के रास्ते ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है
बिना दलाल के नहीं होते कोई काम
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के आस पास दलालों का जमघट और अतिक्रमण कर जमकर बैठे दलालों ने आम जनता की नाक में दम कर दी है क्योंकि जैसे ही व्यक्ति अपने काम कराने के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय की ओर अपना मुँह करता है तो गिद्ध की तरह नज़र जमाए बैठे दलाल लोग और प्रलोभन देकर मीठी मीठी बातें करके जल्द ही काम कराने के बहाने भोले भाले लोगों से जमकर पैसे ऐंठ लेते हैं और काम कराने के लिए विजय श्रीवास्तव के चक्कर काटते हैं और विजय श्रीवास्तव अपनी जेब भरकर लापता हो जाते हैं लोग परेशान होते हैं और महिलाएँ रो -रो कर इसके चक्कर लगाती है अब देखना यह है कि क्या माननीय कलेक्टर महोदय इस महिला की पीड़ा को समझते हैं या क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा पाले गए दलाल पर कोई कार्रवाई होती है या दलालों को दलाली करने की और छूट मिलती है भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में पल रहे दलाल अपने आप को RTO से कम नहीं समझते, RTO सलाहकार तो इस प्रकार लिख रखा है जैसे की दलालों को RTO ने लाइसेंस दे रखे हैं
RTO कार्यालय में रो रोकर अपनी आपबीती बताने वाली महिला का वीडियो नीचे दी गई लिंक में देखा जा सकता है पुराना वीडियो देखने के लिए नीचे दी गई लिंक को क्लिक कीजिए
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